बिलासपुर। शहर में शुक्रवार रात दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ दंगा समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। एफआईआर में 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य की पहचान की जा रही है। शनिवार रात तक दोनों गुटों से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी और ड्रोन कैमरों की मदद से उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
घटना के बाद तनाव को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। विशेष शाखा और एलआईबी की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
पथराव में टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल
शुक्रवार रात दो गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक हो गया। खपरगंज से तेलीपारा रोड तक पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। सड़क किनारे खड़े वाहनों के शीशे तोड़े गए और 12 से अधिक बाइक व स्कूटी को नुकसान पहुंचाया गया। 24 खोली क्षेत्र में कुछ मकानों पर भी पथराव हुआ। एक दुकान में आग लगाने की कोशिश की गई, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर भी पथराव हुआ, जिसमें थाना प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों की ओर से भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के कुछ युवकों के बीच पहले से विवाद और रंजिश चली आ रही थी। करीब आठ महीने पहले मुंगेली के बामपारा निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू की आत्महत्या के बाद मामला चर्चा में आया था। नरेश सरकंडा के चिंगराजपारा स्थित गणेश चौक क्षेत्र में रहकर निजी नौकरी करता था और एक हिंदू संगठन से जुड़ा बताया गया था।
आरोप था कि सोहेल खान और उसके एक साथी ने नरेश के साथ गाली-गलौज कर उसे धमकी दी थी। नरेश ने इसकी शिकायत भी की थी। बाद में वह अपने घर मुंगेली चला गया, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या से पहले नरेश ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने सोहेल खान पर गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर सोहेल खान को गिरफ्तार किया था।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फिर बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि हाल में सोशल मीडिया पर सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद बढ़ गया। एक पक्ष ने पोस्ट का विरोध किया, जिसके बाद तनातनी बढ़ती चली गई और शुक्रवार रात मामला मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ तक पहुंच गया।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, दोनों गुटों के युवकों के बीच पुरानी रंजिश के कारण विवाद हुआ था, जिसे अनावश्यक रूप से सामुदायिक रंग देने का प्रयास किया गया। पुलिस ने लोगों से किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।
सीसीटीवी और वीडियो से उपद्रवियों की पहचान
घटना के बाद एसीसीयू समेत एसएसपी की ओर से गठित अलग-अलग पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के साथ पुलिस की वीडियोग्राफी की भी जांच की जा रही है। इसके आधार पर पथराव, तोड़फोड़ और अन्य उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
शनिवार को प्रभावित क्षेत्र के प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल तैनात रहा। खपरगंज समेत आसपास के इलाकों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी।
कमिश्नर और आईजी ने लिया हालात का जायजा
कमिश्नर सुनील जैन और आईजी रामगोपाल गर्ग ने सिटी कोतवाली पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर और एसएसपी भी पूरे दिन अधिकारियों से हालात की जानकारी लेते रहे। एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर रातभर पेट्रोलिंग करने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात रखने के निर्देश दिए।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया पर अपुष्ट अथवा भ्रामक जानकारी साझा नहीं करने और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।
पथराव में घायल पुलिसकर्मी उपचार के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट आए। एसएसपी ने विपरीत परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों के साहस, संयम और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।





