जगदलपुर। बस्तर की स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय उत्पादों को नया रूप देकर आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की मिसाल पेश कर रही हैं। वन धन विकास केंद्र बकावंड में कार्यरत धारणी करीन स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बस्तर के ऑर्गेनिक काजू और गुड़ से बिना शक्कर की काजू कतली तैयार की है। महिलाओं ने गुरुवार को सर्किट हाउस में वन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर अपने हाथों से तैयार काजू कतली उन्हें भेंट की।

स्थानीय काजू को दे रहीं नया बाजार

जिला यूनियन जगदलपुर (बस्तर वनमंडल) के अंतर्गत वन धन विकास केंद्र बकावंड में कार्यरत समूह की महिलाएं मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर की चक्रीय निधि से ऋण लेकर बाजार दर पर काजू खरीद रही हैं। काजू का प्रसंस्करण करने के बाद उसे खुले बाजार में बेचकर समूह आय अर्जित कर रहा है।

अब महिलाओं ने काजू के मूल्य संवर्धन की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए इससे काजू कतली तैयार करना शुरू किया है।

ऑर्गेनिक गुड़ से तैयार की काजू कतली

समूह की महिलाओं ने बस्तर के ऑर्गेनिक काजू और ऑर्गेनिक गुड़ का इस्तेमाल कर बिना शक्कर की काजू कतली तैयार की है। इसे आधा किलो और एक किलो के पैक में बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। समूह के अनुसार, इस उत्पाद को उपभोक्ताओं से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने की पहल की सराहना

स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने जगदलपुर के सर्किट हाउस पहुंचकर वन मंत्री केदार कश्यप को पहले चरण में तैयार की गई बस्तर काजू कतली भेंट की। वन मंत्री ने काजू कतली का स्वाद चखा और महिलाओं की इस पहल की सराहना की।

उन्होंने महिलाओं की सकारात्मक सोच और उद्यमिता की प्रशंसा करते हुए आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

बस्तर दशहरा और दीपावली में बढ़ेगी उपलब्धता

महिलाओं ने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन के साथ बस्तर दशहरा और दीपावली को देखते हुए काजू कतली का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसे विभागीय आउटलेट संजीवनी के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पाद को बड़ा बाजार मिल सके।

महिला स्वावलंबन की बन रही मिसाल

बस्तर में उपलब्ध स्थानीय काजू को प्रसंस्कृत कर उससे नया उत्पाद तैयार करने की यह पहल महिलाओं के लिए आय का साधन बनने के साथ स्थानीय वन उत्पादों को बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर स्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) उत्तम कुमार गुप्ता, वन मंडलाधिकारी बस्तर दीपेश कपिल, उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन जगदलपुर गुलशन कुमार साहू, सीनियर एग्जीक्यूटिव (विपणन) प्रवीण कुमार और सीनियर एग्जीक्यूटिव (प्रोक्योरमेंट) अविनाश हेमरोम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।