जगदलपुर। बस्तर मार्ग पर परिवहन व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। बस्तर परिवहन संघ (BPS) की कार्यप्रणाली और वाहनों को कथित रूप से ब्लैकलिस्ट किए जाने के विरोध में करीब 300 चिल्हर ट्रांसपोर्टरों ने 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन महाबंद का ऐलान किया है। हड़ताल के कारण बस्तर संभाग में आवश्यक सामान की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ परचून परिवहन संघ, राजधानी गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन और बस्तर के चिल्हर ट्रांसपोर्टरों से जुड़े संगठनों ने आरोप लगाया है कि पूर्व में हुए समझौतों का पालन नहीं किया जा रहा है। ट्रांसपोर्टर कमल गोलछा के अनुसार, वाहनों को रोकने और ब्लैकलिस्ट करने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खाद्यान्न-दवाइयों की सप्लाई पर पड़ सकता है असर
महाबंद शुरू होने के बाद रायपुर से बस्तर संभाग तक होने वाली रोजमर्रा की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसमें अनाज, किराना सामान, जीवनरक्षक दवाइयां, स्वास्थ्य उपकरण, ऑटो पार्ट्स और औद्योगिक सामग्री शामिल हैं।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक संगठनों ने शासन-प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि स्वतंत्र परिवहन व्यवस्था बहाल की जाए और विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।





