बस्तर/बकावंड। बस्तर के बकावंड विकासखंड स्थित उलनार गांव में मतांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। 62 वर्षीय लखी कश्यप के निधन के बाद उनके परिजन शव को गांव के पारंपरिक मुक्तिधाम में दफनाना चाहते थे, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इस विवाद के चलते शव दो दिनों तक घर में ही रखा रहा और गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों का कहना था कि मतांतरण के बाद अंतिम संस्कार संबंधित धर्म के कब्रिस्तान में ही किया जाना चाहिए। गांव की सरपंच मधु नेताम ने बताया कि इस तरह का यह दूसरा मामला है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी थी। ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से पारंपरिक व्यवस्था बनाए रखने की बात कही।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। नगरनार थाना प्रभारी संतोष सिंह की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा हुई। बातचीत के बाद परिजन करकापाल स्थित ईसाई कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कराने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से महिला का अंतिम संस्कार कराया गया और गांव में स्थिति सामान्य हो गई।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बस्तर संभाग में मतांतरण और अंतिम संस्कार को लेकर विवाद के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में कांकेर, नारायणपुर और बस्तर के कई गांवों में ग्रामसभा के निर्णय, अंतिम संस्कार की परंपराओं और सामाजिक बहिष्कार को लेकर विवाद हुए हैं। हाल के महीनों में नारायणपुर जिले में विस्थापन और कुछ गांवों में मतांतरण विरोधी सूचना बोर्ड लगाए जाने जैसी घटनाओं ने भी इस मुद्दे को चर्चा में रखा है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है।





