अटल प्रतिमा निर्माण में अनियमितता: उप अभियंता निलंबित, बड़े जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल
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अटल प्रतिमा निर्माण में अनियमितता: उप अभियंता निलंबित, बड़े जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल
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कटघोरा। कटघोरा स्थित अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में कथित अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित उप अभियंता चंद्र प्रकाश जायसवाल को निलंबित कर दिया है। जांच में निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने यह कदम उठाया।
जारी आदेश के अनुसार, उप अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय दुर्ग क्षेत्रीय कार्यालय निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
संयुक्त संचालक, बिलासपुर की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि अटल परिसर में स्थापित प्रतिमा स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। पहली ही बारिश के बाद प्रतिमा की बाहरी परत उखड़ने लगी और कई हिस्सों में क्षति दिखाई दी। रिपोर्ट में निर्माण कार्य की निगरानी में गंभीर लापरवाही की बात भी कही गई है।
ब्रॉन्ज की जगह सीमेंट-कंक्रीट का आरोप
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब आरोप लगा कि जिस प्रतिमा को कांस्य (ब्रॉन्ज) से तैयार किया जाना था, उसकी जगह सीमेंट और कंक्रीट का उपयोग कर उस पर ब्रॉन्ज जैसा रंग चढ़ा दिया गया। बारिश के बाद रंग उतरने से मामला उजागर हुआ। प्रतिमा निर्माण पर करीब 14 लाख रुपये खर्च किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप तेज हो गए हैं।
अब बड़े अधिकारियों पर भी उठ रहे सवाल
मामले में उप अभियंता के निलंबन के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि प्रतिमा निर्माण की स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं। क्योंकि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में कई स्तरों पर तकनीकी परीक्षण और प्रशासनिक मंजूरी के बाद ही भुगतान किया जाता है। ऐसे में पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच और अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।