अंबिकापुर। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मां महामाया मंदिर के प्रसाद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर परिसर के सामने स्थित एक दुकान से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए मोतीचूर (बूंदी) लड्डू के नमूने सरकारी जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। लैब रिपोर्ट में प्रसाद को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बताया गया है, जिसके बाद विभाग ने संबंधित दुकान के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भोपाल स्थित मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू में निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में कृत्रिम मिठास एसपार्टेम (Aspartame) और सिंथेटिक खाद्य रंग सनसेट येलो (Sunset Yellow) का उपयोग किया गया है। सामान्य तौर पर लड्डू में चीनी का उपयोग किया जाता है, लेकिन जांच में कृत्रिम स्वीटनर मिलने से खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम रसायनों और खाद्य रंगों का तय सीमा से अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लंबे समय तक ऐसे पदार्थों का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंदिर परिसर के आसपास स्थित अन्य प्रसाद दुकानों पर भी जांच अभियान चलाया। अधिकारियों ने कई दुकानों से लड्डू और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

आनंद पूजा भंडार से लिया गया था नमूना

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंदिर के सामने स्थित आनंद पूजा भंडार से बूंदी लड्डू का नमूना लिया था। रासायनिक परीक्षण में इसमें एसपार्टेम और सनसेट येलो की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों ने कही यह बात

खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अधिकारी (डीओ) ने बताया कि सरकारी लैब की रिपोर्ट में लड्डू का नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मंदिर क्षेत्र की अन्य दुकानों से भी नमूने लेकर जांच की जा रही है।