रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और परिवहन पर प्रशासन ने शिकंजा और कस दिया है। धमतरी जिले में खनिज विभाग ने दो दिन के विशेष अभियान के दौरान अवैध रेत ढो रहे चार बड़े वाहनों को जब्त किया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में 69 लाख 32 हजार 683 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।

खनिज विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम जिलेभर में लगातार निगरानी और छापेमार कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा की चोरी और अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

शिकायतों के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में चला विशेष अभियान

अवैध रेत परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल ने 12 और 13 जुलाई को जिले के संवेदनशील इलाकों में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान सारंगपुरी, खरेंगा, अमेठी, सरगी-दोनर, पाहंदा सहित आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की गई।

जांच के दौरान चार वाहन अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाए गए। टीम ने मौके पर ही वाहनों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।

खनिज अधिनियम के तहत दर्ज किए गए प्रकरण

खनिज विभाग के मुताबिक, अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अवैध रेत परिवहन में पकड़े गए वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी अर्थदंड लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले डंपर, हाईवा, ट्रैक्टर और अन्य मशीनों को भी जब्त किया जा रहा है।

2026-27 में अब तक 239 मामलों में कार्रवाई

खनिज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में 13 जुलाई तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 239 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में 69 लाख 32 हजार 683 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे शासकीय खनिज मद में जमा कराया गया है। कई मामलों का निराकरण प्रशमन प्रक्रिया के तहत किया गया है।

विभाग का कहना है कि अवैध खनन से सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदियों और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को देखते हुए कार्रवाई और तेज कर दी गई है।

रेत माफिया पर रहेगी पैनी नजर

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उड़नदस्ता दल को पूरे जिले में सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में भी अचानक छापेमार कार्रवाई की जाएगी और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या रेत का अवैध परिवहन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग से ही अवैध खनिज कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।