सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने जिला अस्पताल में पदस्थ एक फार्मासिस्ट से वेतन (पे) डाटा ट्रांसफर करने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
फार्मासिस्ट से मांगी थी एक लाख रुपये की रिश्वत
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्ट गंगा प्रसाद राठौर का वेतन संबंधी पे-डाटा ट्रांसफर किया जाना था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के बदले प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को दी।
शिकायत के बाद एसीबी ने शुरू किया सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने गोपनीय तरीके से पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। इसके लिए शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया।
रिश्वत लेते ही एसीबी ने किया गिरफ्तार
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जैसे ही प्रभारी सिविल सर्जन ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी से पूछताछ की गई और आवश्यक दस्तावेज भी जब्त किए गए।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
एसीबी अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी पहले भी इस तरह की अवैध वसूली में शामिल रहा है या नहीं।
अस्पताल में मचा हड़कंप
जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। कर्मचारी और अधिकारी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। एसीबी की कार्रवाई के दौरान काफी देर तक अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ लगी रही।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
एसीबी अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायत सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।





