बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों की जांच में नया अपडेट सामने आया है। दस्तावेजों और पहचान के सत्यापन के बाद इनमें से 18 लोगों के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि हुई है। पुष्टि के बाद उन्हें रायपुर के होल्डिंग सेंटर से रिहा कर दिया गया है। अब शेष पांच लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पांच लोगों के अतिरिक्त दस्तावेज मंगाए गए
पुलिस अब बाकी पांच लोगों की पहचान और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनके कुछ दस्तावेजों में कमियां मिली हैं, जिसके बाद अतिरिक्त दस्तावेज मंगाए गए हैं। कुछ लोगों के नाम एसआईआर से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दो महीने के अभियान में 1162 लोगों की हुई थी जांच
पुलिस ने सिरगिट्टी क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की पहचान को लेकर विशेष अभियान चलाया था। करीब दो महीने तक चले अभियान में 1162 लोगों की जांच की गई। इनमें 23 लोगों के दस्तावेज और पहचान से जुड़ी जानकारी संदिग्ध मिलने के बाद विस्तृत सत्यापन शुरू किया गया था।
पश्चिम बंगाल तक पहुंची पुलिस टीम
जांच के दौरान पुलिस टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और आसपास के थाना क्षेत्रों में भी पहुंची। टीम ने इन लोगों द्वारा बताए गए पते, स्थानीय रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों का संबंधित पुलिस थानों से मिलान कराया।
शुरुआती जांच के बाद सभी 23 लोगों को 4 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। अंतिम दस्तावेज सत्यापन तक इन्हें वहीं रखा गया।
दस्तावेजों में मिली थीं कई विसंगतियां
प्रारंभिक जांच में कुछ दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आई थीं। कुछ मामलों में दस्तावेजों में पिता की जगह ससुर का नाम दर्ज होने की बात सामने आई। इसके अलावा मूल निवास और पहचान से जुड़े रिकॉर्ड में भी कुछ कमियां मिली थीं। इन्हीं कारणों से पुलिस ने उनकी नागरिकता का विस्तृत सत्यापन शुरू किया था।
छोटे-मोटे काम कर रहे थे कई लोग
जांच में सामने आया कि संदिग्धों में शामिल कई लोग बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में अलग-अलग काम कर रहे थे। कुछ लोग बाल के बदले बर्तन देने का काम करते थे, जबकि कुछ लोग टेंट और पंडाल लगाने के व्यवसाय से जुड़े हुए थे।
सत्यापन पूरा होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
18 लोगों की भारतीय पहचान की पुष्टि हो जाने के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान शेष पांच लोगों पर है। उनके दस्तावेजों का सरकारी रिकॉर्ड और संबंधित थाना क्षेत्रों से मिलान कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनके मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।





