रायपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में बड़ी संख्या में अपात्र महिलाओं को भी राशि मिलने का मामला सामने आया है। अब तक 54,127 महिलाओं को अपात्र पाया गया है। इनमें से 19,964 महिलाओं के खातों में मार्च 2024 से जून 2026 के बीच 18.15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची थी। पात्रता की जांच के बाद अब राशि की वसूली की जा रही है।


अब तक 6.13 करोड़ रुपये की वसूली

आंकड़ों के मुताबिक, 19,964 अपात्र महिलाओं को दी गई राशि में से अब तक करीब 6.13 करोड़ रुपये वापस वसूले जा चुके हैं। वहीं लगभग 10.12 करोड़ रुपये की वसूली अभी बाकी बताई गई है।


54 हजार से अधिक महिलाएं मिलीं अपात्र

महतारी वंदन योजना के तहत समय-समय पर लाभार्थियों की पात्रता की जांच की गई। इसमें अब तक कुल 54,127 महिलाओं को अपात्र पाया गया। इनमें पहले भुगतान के बाद अपात्र पाई गईं 27,050 महिलाएं, दो या अधिक आवेदन करने वाली 15,036 और सरकारी नौकरी से जुड़ी 6,946 महिलाएं शामिल हैं।

इसके अलावा 21 वर्ष से कम उम्र, अविवाहित, आयकरदाता और राज्य की स्थानीय निवासी नहीं होने जैसे कारणों से भी कई लाभार्थियों को अपात्र पाया गया।


मार्च 2024 में शुरू हुई थी योजना

महतारी वंदन योजना की शुरुआत मार्च 2024 में हुई थी। योजना के लिए 70,27,154 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 70,09,158 महिलाओं को पहली किस्त का लाभ मिला। जून 2026 तक लाभ पाने वाली महिलाओं की संख्या घटकर 68,54,003 रह गई।


पात्रता की जांच के बाद हटाए गए नाम

योजना के नियमों के तहत पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करने वाली महिलाओं के नाम लाभार्थियों की सूची से हटाए जा रहे हैं। सरकारी नौकरी, आयकर भुगतान, उम्र, वैवाहिक स्थिति और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर लाभार्थियों की पात्रता की जांच की जा रही है।


योजना पर अब तक 18,807 करोड़ रुपये खर्च

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, महतारी वंदन योजना के तहत अब तक करीब 18,807 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं दस्तावेज या केवाईसी से जुड़े कारणों के चलते करीब 30 हजार महिलाओं की राशि रोके जाने की बात भी सामने आई है।

अपात्र लाभार्थियों की पहचान और उनसे राशि वापस लेने की प्रक्रिया जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ वसूली के आंकड़ों में भी बदलाव हो सकता है।