अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के धुरिया गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण से रास्ता बंद होने के कारण एंबुलेंस गर्भवती महिला के घर तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला ने खेत में ही बच्चे को जन्म दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, धुरिया गांव की एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस गांव तक तो पहुंच गई, लेकिन घर तक जाने वाला कच्चा रास्ता बंद होने की वजह से आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में परिजन महिला को पैदल खेतों के रास्ते एंबुलेंस तक ले जाने लगे। इसी दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और खेत में ही प्रसव कराना पड़ा।
मौके पर मौजूद महिलाओं ने साड़ी और अन्य कपड़ों से घेरा बनाकर सुरक्षित प्रसव कराया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसव के बाद जच्चा और नवजात को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर और स्वस्थ बताई।
तीन महीने से बंद है रास्ता, कई बार लगा चुके गुहार
परिजनों का आरोप है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण उनके घर तक पहुंचने वाला रास्ता पिछले करीब तीन महीने से बंद पड़ा है। रास्ता खुलवाने के लिए नायब तहसीलदार कार्यालय सहित जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को कई बार आवेदन और शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों में नाराजगी, स्थायी समाधान की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते रास्ता खुलवा दिया गया होता तो महिला को खेत में प्रसव जैसी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों ने गांव में पक्की सड़क और सुगम आवागमन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।




