रायपुर। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को एक दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
एम्स रायपुर की उपलब्धियों की सराहना
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हो रही प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्थान उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल रिसर्च और अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने राज्य में हुए पहले स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का उल्लेख
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे बदलाव की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों की पहचान कभी भय और अभाव से होती थी, वहां अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसर दिखाई दे रहे हैं।
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। सरोना रिंग रोड से टाटीबंध चौक और एम्स परिसर तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। रिंग रोड नंबर-1 पर बैरिकेडिंग कर यातायात और आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
एम्स के प्रवेश द्वारों की व्यवस्था में बदलाव
वीआईपी मूवमेंट के कारण एम्स रायपुर में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। ओपीडी मरीजों के लिए गेट नंबर-1 और गेट नंबर-3 का इस्तेमाल किया गया, जबकि ट्रामा और इमरजेंसी सेवाओं के लिए गेट नंबर-2 खुला रखा गया।
गेट नंबर-4 को वीआईपी मूवमेंट के कारण बंद रखा गया, जिससे कुछ मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। गेट नंबर-5 पर भी आवाजाही प्रभावित रही।
राज्यपाल समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
2012 से सेवाएं दे रहा एम्स रायपुर
एम्स रायपुर की आधारशिला मई 2009 में रखी गई थी। वर्ष 2012 में संस्थान ने अपनी सेवाएं शुरू कीं। इसके बाद से एम्स रायपुर चिकित्सा शिक्षा, उपचार, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।





