रायपुर। राजधानी रायपुर में कथित रंगदारी प्रकरण से जुड़े शोएब ढेबर की तलाश के बीच पुलिस महकमे में भी कार्रवाई तेज हो गई है। कमिश्नरेट पुलिस ने दो आरक्षकों को लाइन अटैच किया है। इस कार्रवाई के बाद क्राइम ब्रांच और पुलिस विभाग में अंदरूनी सूचनाएं लीक होने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अधिकारियों की ओर से सूचना लीक होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जानकारी के अनुसार, शोएब ढेबर की तलाश में पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसी बीच यह आशंका सामने आई कि पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी से संबंधित कुछ जानकारियां पहले ही बाहर पहुंच रही थीं। इसके बाद पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर आरक्षकों को रक्षित केंद्र से संबद्ध करने की कार्रवाई की गई।

आरक्षकों के नाम को लेकर अलग-अलग जानकारी

मीडिया रिपोर्टों में कार्रवाई की वजह और आरक्षकों के नाम को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट में क्राइम ब्रांच से जुड़े राहुल गौतम और शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किए जाने की बात कही गई है। वहीं अन्य उपलब्ध रिपोर्टों में तेलीबांधा थाने के आरक्षक अजीत कुमार गुप्ता और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के शिवम द्विवेदी को रक्षित केंद्र भेजे जाने का उल्लेख है। पुलिस की ओर से पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

शोएब की तलाश में कई ठिकानों पर दबिश

रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के मामले में शोएब ढेबर का नाम सामने आया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत मिली थी। इसके बाद दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने पर पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। पुलिस उसकी तलाश में रायपुर समेत अन्य संभावित स्थानों पर कार्रवाई कर रही है।

फिलहाल पुलिस विभाग ने लाइन अटैच की कार्रवाई को प्रशासनिक और विभागीय स्तर की कार्रवाई बताया है। पूरे घटनाक्रम में गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।