अंबिकापुर। बरसात के बीच शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। शहर के व्यस्त बिलासपुर मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच बड़ी संख्या में मवेशियों के बैठे रहने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। बारिश, फिसलन और रात में कम दृश्यता के कारण स्थिति और गंभीर हो रही है।

बिलासपुर मार्ग शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां दिनभर दोपहिया, कार, बस और भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बीच सड़क पर बैठे मवेशी यातायात में बाधा डालने के साथ वाहन चालकों के लिए जोखिम भी पैदा कर रहे हैं।

अचानक सामने आ रहे मवेशी, दोपहिया चालकों को ज्यादा खतरा

सड़क पर बैठे मवेशियों के अचानक सामने आने पर वाहन चालकों को तेज ब्रेक लगाना पड़ रहा है। कई बार उनसे बचने के लिए वाहन को दूसरी लेन में मोड़ना पड़ता है। बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने पर नियंत्रण बिगड़ने का खतरा रहता है।

सबसे ज्यादा परेशानी बाइक और स्कूटर सवारों को हो रही है। रात के समय काले या गहरे रंग के मवेशी दूर से आसानी से दिखाई नहीं देते। अचानक मवेशी सामने आने पर दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर गिर सकता है। ऐसे में पीछे से आ रहे वाहन की चपेट में आने का खतरा भी बना रहता है।

भारी वाहनों के लिए भी बनी परेशानी

सड़क के बीच कई मवेशियों के एक साथ बैठे रहने से वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में चालक को लेन बदलनी पड़ती है, जिससे सामने या पीछे से आ रहे वाहन से टक्कर की आशंका बढ़ जाती है।

इस समस्या से केवल वाहन चालकों की सुरक्षा ही प्रभावित नहीं हो रही, बल्कि मवेशियों की जान भी खतरे में है। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मवेशियों के घायल होने या उनकी मौत होने की आशंका बनी रहती है।

कई मार्गों पर यही हाल, कार्रवाई के दावों पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या केवल बिलासपुर मार्ग तक सीमित नहीं है। शहर के कई प्रमुख मार्गों और व्यस्त इलाकों में मवेशियों को सड़क पर बैठे और घूमते देखा जा सकता है। दिन में वाहन चालक किसी तरह उन्हें देखकर निकल जाते हैं, लेकिन बारिश और रात के समय खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

नगर निगम की ओर से समय-समय पर आवारा मवेशियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाने के दावे किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में मवेशियों की मौजूदगी इन प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल कुछ दिनों का अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। मवेशियों को पकड़ने के साथ उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और दोबारा सड़क पर आने से रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।

बारिश में अतिरिक्त निगरानी की मांग

शहरवासियों ने नगर निगम से प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी और प्रभावी धरपकड़ अभियान चलाने की मांग की है। खासकर बारिश के दिनों में रात के समय अतिरिक्त टीम तैनात करने की जरूरत बताई जा रही है।

लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। नगर निगम और प्रशासन को भी आवारा मवेशियों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

फिलहाल बिलासपुर मार्ग पर बीच सड़क बैठे मवेशियों ने शहर में लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि नगर निगम केवल अभियान के दावों तक सीमित रहता है या समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाता है।