एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। सोशल मीडिया पर सिंगर सोनू निगम के नाम से एक पोस्ट वायरल होने के बाद उनका नाम भी इस विवाद से जुड़ गया। हालांकि, सोनू निगम ने स्पष्ट किया है कि वायरल बयान उनका नहीं है और वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर सक्रिय भी नहीं हैं।

सोनू निगम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए वायरल दावे पर सफाई दी। बताया जा रहा है कि समान नाम वाले किसी अन्य व्यक्ति के सोशल मीडिया पोस्ट को गलती से गायक सोनू निगम का बयान मान लिया गया था।


सोनू निगम बोले- ‘ये मैं नहीं हूं’

मीडिया रिपोर्ट में कृति सेनन के विज्ञापन से जुड़े एक X पोस्ट को कथित तौर पर सोनू निगम की प्रतिक्रिया बताया गया था। मामला सामने आने के बाद सिंगर ने संबंधित रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए इसका खंडन किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बयान उनका नहीं है और उन्होंने इस तरह का कोई पोस्ट नहीं किया। सोनू निगम ने यह भी बताया कि वह X पर सक्रिय नहीं हैं।


क्या है कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन का विवाद?

पूरा मामला ज्वेलरी ब्रांड GIVA के रक्षाबंधन कैंपेन से जुड़ा है। करीब 36 सेकंड के इस विज्ञापन में कृति सेनन आइवरी रंग के ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट में दिखाई दी थीं।

विज्ञापन में कृति अपने भाई के साथ अपने पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती नजर आईं। कैंपेन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पालतू जानवर भी परिवार का हिस्सा होते हैं और उन्हें त्योहार की खुशियों में शामिल किया जा सकता है।


कपड़ों और त्योहार की प्रस्तुति पर छिड़ी बहस

विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने कृति सेनन के पहनावे पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार को विज्ञापन में दिखाए जाने के तरीके पर आपत्ति जताई।

वहीं, कई लोगों ने विज्ञापन के उस संदेश का समर्थन भी किया, जिसमें पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा मानने की बात कही गई थी।


विवाद बढ़ने के बाद GIVA ने हटाया विज्ञापन

सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद GIVA ने रक्षाबंधन से जुड़े इस विज्ञापन को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया।

ब्रांड की ओर से कहा गया कि वह भारतीय त्योहारों और परंपराओं का सम्मान करता है। कंपनी के मुताबिक कैंपेन का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि यह संदेश देना था कि पालतू जानवर भी परिवार का हिस्सा हैं और उन्हें रक्षाबंधन के जश्न में शामिल किया जा सकता है।