नई दिल्ली। देश में खाद्य तेलों की कीमतों में फिलहाल बड़ी तेजी आने की संभावना कम दिखाई दे रही है। जुलाई में क्रूड पाम ऑयल और क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल के आयात में तेज बढ़ोतरी के कारण भारतीय बंदरगाहों पर खाद्य तेलों का स्टॉक बढ़ गया है। इसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है, जहां सोया तेल के भाव स्थिर बने हुए हैं और सोयाबीन की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बंदरगाहों पर 15 जुलाई को करीब 9.45 लाख टन खाद्य तेल का स्टॉक था, जो 31 जुलाई तक बढ़कर करीब 10.97 लाख टन हो गया।


15 दिन में खाद्य तेल का स्टॉक तेजी से बढ़ा

आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई को बंदरगाहों पर मौजूद खाद्य तेल का स्टॉक पिछले सप्ताह की तुलना में 16.07 प्रतिशत, पिछले महीने के मुकाबले 25.36 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17.58 प्रतिशत अधिक रहा।

आयात बढ़ने से घरेलू बाजार में खाद्य तेल की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है। इससे निकट अवधि में कीमतों पर बड़ा ऊपर की ओर दबाव बनने की संभावना सीमित मानी जा रही है।


सोयाबीन तेल के स्टॉक में बड़ी बढ़ोतरी

15 जुलाई से 31 जुलाई के बीच क्रूड पाम ऑयल का स्टॉक 3,18,021 टन से बढ़कर 3,45,250 टन हो गया।

इसी अवधि में क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का स्टॉक 2,26,514 टन से बढ़कर 3,58,175 टन पर पहुंच गया। वहीं RBD पामोलीन का स्टॉक 9,400 टन से बढ़कर 16,645 टन हो गया।

हालांकि, क्रूड सूरजमुखी तेल का स्टॉक 3,81,790 टन से घटकर करीब 3,58,950 टन रह गया। अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक 9,820 टन से बढ़कर करीब 18,430 टन हो गया।


जुलाई में 14.90 लाख टन आयात का अनुमान

उद्योग और व्यापार जगत के अनुमान के अनुसार, जुलाई में भारत का खाद्य तेल आयात बढ़कर करीब 14.90 लाख टन पहुंच गया, जिसे पिछले 10 महीनों का ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।

इस दौरान विशेष रूप से पाम तेल और सोयाबीन तेल के आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल आयात करता है, जबकि अर्जेंटीना और ब्राजील सोयाबीन तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं। सूरजमुखी तेल का आयात रूस, यूक्रेन और अर्जेंटीना सहित विभिन्न देशों से किया जाता है।


सोयाबीन की बढ़ी आवक, कीमतों पर दबाव

घरेलू मंडियों में सोयाबीन की आवक भी बढ़ी है। शुक्रवार को देशभर में करीब 1.10 लाख बोरी सोयाबीन की आवक दर्ज की गई।

इसमें मध्य प्रदेश से करीब 65 हजार बोरी, महाराष्ट्र से 30 हजार, राजस्थान से सात हजार और अन्य राज्यों से करीब आठ हजार बोरी की आवक बताई गई।

प्लांटों की कमजोर खरीद के चलते सोयाबीन की कीमतों में नरमी देखने को मिली और कई प्लांटों में खरीद भाव 7,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे बोले गए।


सोया तेल के भाव में स्थिरता

बाजार में सोया तेल की मांग सीमित रहने से कीमतों में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। इंदौर में रिफाइंड सोयाबीन तेल करीब 1,460-1,465 रुपये प्रति 10 किलो, सोयाबीन सॉल्वेंट 1,400-1,405 रुपये और पाम तेल करीब 1,535 रुपये प्रति 10 किलो के आसपास बताया गया।

मुंबई में सोया रिफाइंड करीब 1,495 रुपये और पाम तेल करीब 1,490 रुपये प्रति 10 किलो रहा।


आगे कीमतों पर रहेगी आयात और मांग की नजर

बंदरगाहों पर बढ़ते स्टॉक और जुलाई में मजबूत आयात के कारण फिलहाल खाद्य तेल बाजार में आपूर्ति की स्थिति बेहतर बनी हुई है। ऐसे में खाद्य तेल की कीमतों में तत्काल बड़ी तेजी के आसार सीमित माने जा रहे हैं।

हालांकि, आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, रुपये की चाल, आयात लागत, घरेलू मांग और तिलहन की आवक पर निर्भर करेगी।