ओडिशा के नुआपड़ा जिले के पाटदर्हा संरक्षित वन में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कैंप ध्वस्त कर दिया। संयुक्त अभियान के दौरान जवानों ने हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और माओवादी उपयोग का अन्य सामान बरामद किया। अभियान पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने चलाया।
पुलिस अधीक्षक अमृतपाल सिंह और सीआरपीएफ की 19वीं बटालियन के कमांडेंट दिलीपमणि त्रिपाठी ने बताया कि बोडेन थाना क्षेत्र के बारपट डोंगर के घने जंगलों में बम निरोधक दस्ते के साथ तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान माओवादियों का एक पुराना ठिकाना मिला, जहां से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।
एके-47 की गोलियां, देसी हथियार और विस्फोटक जब्त
सुरक्षा बलों ने मौके से दो देसी बंदूक, एक देसी कार्बाइन व मैगजीन, एके-47 की 29 गोलियां, एसएलआर की 54 गोलियां, दो टिफिन बम, आठ जिलेटिन स्टिक, डेढ़ किलोग्राम बारूद, डेटोनेटर, 12 वोल्ट की बैटरी, मल्टीमीटर, यूरिया, वायर, सोलर प्लेट, चार्जर, मेडिकल किट, माओवादी साहित्य, वर्दी और दैनिक उपयोग का अन्य सामान जब्त किया।
माओवाद के बचे नेटवर्क पर लगातार प्रहार
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तय लक्ष्य के अनुरूप जिले को माओवाद से मुक्त घोषित किए जाने के बाद भी सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। अब माओवादियों के बचे हुए नेटवर्क, छिपे हुए डंप और पुराने ठिकानों को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं।
बस्तर-ओडिशा सीमा पर बढ़ा दबाव
हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और ओडिशा के सीमावर्ती नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों ने अभियान तेज कर दिया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर दुर्गम जंगलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। आधुनिक उपकरणों और बेहतर समन्वय के दम पर माओवादियों के ठिकानों, हथियारों के जखीरे और नेटवर्क को लगातार ध्वस्त किया जा रहा है, जिससे उनके प्रभाव क्षेत्र में तेजी से कमी आ रही है।





