रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों की पेंशन बंद किए जाने के विरोध में बुधवार को राजधानी रायपुर में प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक प्रोफेसर दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन में दुर्गा महाविद्यालय, महिला महाविद्यालय देवेंद्र नगर के साथ प्रदेश के अन्य अनुदान प्राप्त अशासकीय कॉलेजों से सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। बिलासपुर, अंबिकापुर और भिलाई से भी पूर्व प्राध्यापक धरने में पहुंचे।

1 सितंबर के आदेश का विरोध

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने 1 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था पर रोक लगाई है। इसी फैसले को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग की।

जीवनयापन और इलाज की चिंता

सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन बंद होने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्च, इलाज, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बैंक की किस्तों के भुगतान को लेकर परेशानी बढ़ गई है। उनका दावा है कि अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को करीब 37 वर्षों से पेंशन का लाभ दिया जा रहा था।

धरने में शामिल सेवानिवृत्त शिक्षकों ने सरकार से मामले पर पुनर्विचार कर पेंशन से संबंधित आदेश वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेंशन उनकी वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का प्रमुख आधार है।