रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के बढ़ते खर्च से राहत दिलाने और लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 95 हजार घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं, जबकि योजना के लिए 1.80 लाख से अधिक आवेदन बिजली वितरण कंपनी को मिल चुके हैं। राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक 5 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है।
योजना के तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर परिवार अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकते हैं। पात्र उपभोक्ताओं को योजना के प्रावधानों के तहत हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है। सोलर सिस्टम से जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होने पर उसे नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड में भेजने की सुविधा भी है।
केंद्र के साथ राज्य सरकार भी दे रही सब्सिडी
छत्तीसगढ़ में रूफटॉप सोलर लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार की ओर से भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। एक किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र से 30 हजार और राज्य से 15 हजार रुपये मिलाकर 45 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
इसी तरह दो किलोवाट के सिस्टम पर केंद्र सरकार से 60 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये मिलाकर 90 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। वहीं, तीन किलोवाट या इससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर पर केंद्र की अधिकतम 78 हजार और राज्य की 30 हजार रुपये की सहायता मिलाकर कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
कई परिवारों का बिजली बिल पहुंचा शून्य
प्रदेश में योजना का लाभ लेने वाले कई परिवारों के बिजली खर्च में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्ती जिले के जर्वे गांव के किसान राजकुमार मनहर ने जून 2025 में अपने घर पर दो किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाया था। इस पर करीब 1.26 लाख रुपये खर्च हुए। उन्हें केंद्र सरकार की 60 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार की 30 हजार रुपये की सहायता की प्रक्रिया जारी बताई गई है।
सोलर सिस्टम लगने से पहले उनका मासिक बिजली बिल करीब 300 से 400 रुपये आता था, जो अब शून्य हो गया है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे उपभोक्ता सामने आए हैं, जिनके घरेलू बिजली खर्च में सोलर पैनल लगने के बाद उल्लेखनीय कमी आई है।
उपभोक्ता के साथ बन सकेंगे बिजली उत्पादक
पीएम सूर्य घर योजना में उपभोक्ता केवल अपने घर की बिजली की जरूरत पूरी नहीं करते, बल्कि अतिरिक्त उत्पादन को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भागीदार भी बन सकते हैं। इससे एक तरफ परिवारों का बिजली खर्च कम होता है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
प्रदेश में योजना का क्रियान्वयन CSPDCL के माध्यम से किया जा रहा है। आवेदन और पंजीयन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। उपभोक्ता पीएम सूर्य घर पोर्टल, संबंधित मोबाइल ऐप और बिजली वितरण कंपनी के माध्यम से योजना की जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक पांच लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार करीब 95 हजार घरों तक सोलर पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले महीनों में प्रदेश में रूफटॉप सोलर लगाने की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।
इस कॉपी में 95 हजार घर, 1.80 लाख से अधिक आवेदन और मार्च 2027 तक 5 लाख घरों का लक्ष्य संबंधित ताजा रिपोर्ट पर आधारित है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना का राष्ट्रीय उद्देश्य रूफटॉप सोलर के जरिए घरेलू बिजली खर्च कम करना है; जुलाई 2026 तक देशभर में 48 लाख से अधिक परिवार इसका लाभ ले चुके थे।





