रायपुर। जिले की सीमाओं से होकर होने वाली अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सोमवार शाम ‘ऑपरेशन सेफ बॉर्डर’ चलाया। अभियान के तहत अंतरजिला सीमाओं पर तीन घंटे तक सघन वाहन जांच की गई। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच के साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, अभियान 27 जुलाई को शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक चलाया गया। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देश पर जिले के सभी प्रमुख बॉर्डर प्वाइंट पर विशेष चेकिंग नाके लगाए गए। राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की निगरानी में पुलिस टीमों ने छोटे-बड़े वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की और यात्रियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी।

अभियान के दौरान ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया गया। ब्रीथ एनालाइजर से वाहन चालकों की जांच की गई। वहीं तेज रफ्तार, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।

पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेकर दस्तावेजों का सत्यापन किया। जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे मिले या गतिविधियां संदिग्ध लगीं, उनके चालकों से पूछताछ भी की गई। साथ ही वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।

रायपुर ग्रामीण पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान से अपराधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है। इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन सेफ बॉर्डर’ जैसे विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जिले में कानून व्यवस्था एवं जन सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।