नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी सरकार और विपक्ष के बीच का गतिरोध फिलहाल खत्म हो गया है। मंगलवार को लोकसभा में लोक परीक्षा अनुसूचित साधन निवारण (संशोधन) विधेयक पर विस्तृत चर्चा होगी। इस बहस के लिए छह घंटे का समय तय किया गया है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जरूरत पड़ने पर चर्चा का समय बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं।

मनीष तिवारी ने दिया स्थगन प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने निहत्थे छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया, जिसमें 80 से अधिक लोग घायल हुए। उन्होंने इस पूरे मामले पर सदन में तत्काल चर्चा कराने की मांग की है।

देश की नजरें संसद की बहस पर

परीक्षा सुधारों को लेकर आज होने वाली चर्चा पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। नंदन निलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है, जो परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर काम कर रही है। सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जा रही है।

सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ी थी कार्यवाही

सोमवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से माफी और केंद्रीय गृह मंत्री के बयान की मांग करते हुए लोकसभा की कार्यवाही बाधित की। विपक्ष की मांग थी कि पहले इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए, उसके बाद ही अन्य कामकाज आगे बढ़े।

राहुल गांधी बनाम एनडीए के युवा चेहरे

आज विधेयक पर होने वाली बहस के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने रणनीति तैयार कर ली है। एनडीए की ओर से बांसुरी स्वराज और सायोनी घोष जैसे युवा सांसद सरकार का पक्ष रखेंगे। वहीं विपक्ष की ओर से राहुल गांधी सरकार को घेरने की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा अखिलेश यादव और महुआ मोइत्रा भी चर्चा में हिस्सा लेंगे।

ओम बिरला की पहल से टूटा गतिरोध

सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में विधेयक पेश किया था। इस दौरान विपक्ष ने 92 संशोधन प्रस्ताव दिए, लेकिन चर्चा में शामिल नहीं हुआ। दिनभर की गतिरोधपूर्ण स्थिति के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बिना बहस विधेयक पारित कराने की चेतावनी दी थी। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत कर सहमति बनाई, जिसके बाद मंगलवार को विस्तृत चर्चा और मतदान का रास्ता साफ हुआ।