रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री के बाद पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सोनवानी को अदालत ने 7 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिलाया था, जिसे राज्य सरकार पूरी गंभीरता के साथ निभा रही है।
निष्पक्ष जांच का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि CGPSC भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच एजेंसियां मामले की हर परत तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है। यदि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार या किसी अन्य अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ईडी करेगी गहन पूछताछ
ईडी की जांच शुरू होने के बाद मामले में हलचल और बढ़ गई है। रिमांड के दौरान टामन सोनवानी से भर्ती प्रक्रिया, कथित वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।




