रायपुर। राजधानी में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले सरकारी और निजी उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने कार्रवाई तेज कर दी है। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद अब बकायादारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। अब तक 237 बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। वहीं नोटिस मिलने के बाद उपभोक्ताओं ने करीब 1.28 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा की है।
36 सरकारी दफ्तरों की बिजली काटी
बिजली कंपनी के अनुसार सरकारी कार्यालयों पर करीब 1.73 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। भुगतान नहीं करने पर अब तक 36 सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन काटे गए हैं। इनमें रजिस्ट्री कार्यालय और नगर निगम के जोन कार्यालय भी शामिल बताए गए हैं।
कंपनी का कहना है कि संबंधित कार्यालयों को पहले नोटिस देकर बकाया जमा करने का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने के बाद कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई।
322 सरकारी भवनों को जारी हुआ था नोटिस
सर्किल-1 में 3 हजार रुपये से अधिक बकाया वाले 322 सरकारी भवनों को नोटिस जारी किए गए थे। कई कार्यालयों की ओर से तय समय में भुगतान या जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई शुरू की गई। वहीं सर्किल-2 में भी 119 सरकारी विभाग कार्रवाई के दायरे में हैं।
हर सप्ताह 20 से 25 बकायादारों को नोटिस
बिजली कंपनी अब बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों के अनुसार हर सप्ताह करीब 20 से 25 बकायादारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। समय सीमा में बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।
निजी उपभोक्ताओं पर भी करीब 5 करोड़ बकाया
सरकारी कार्यालयों के अलावा निजी घरों, संस्थानों, कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों पर भी करीब 5 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया बताया गया है। उरला, भनपुरी, रावांभाठा और सिलतरा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी वसूली अभियान चलाया जा रहा है।
15 दिन के नोटिस के बाद कट सकता है कनेक्शन
बिजली कंपनी के नियमों के तहत बिल की अंतिम तिथि गुजरने के बाद भुगतान नहीं होने पर नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद कनेक्शन काटा जा सकता है। घरेलू उपभोक्ताओं पर 5 हजार रुपये या उससे अधिक बकाया होने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। बकाया राशि और रिकनेक्शन शुल्क जमा करने के बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल की जा सकती है।





