रायपुर। राजधानी में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने आदतन अपराधी विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर और ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे को जिलाबदर कर दिया है। दोनों को रायपुर समेत छह जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संबंधित पुलिस उपायुक्तों की रिपोर्ट, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के कथनों की समीक्षा के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत कार्रवाई की।

विकास मधुकर पर दर्ज हैं 9 मामले

पुलिस के मुताबिक, बीरगांव के इंदिरा नगर निवासी 26 वर्षीय विकास मधुकर वर्ष 2018 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ उरला थाने में नाबालिग से दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, अवैध हथियार रखने और जुआ खेलने समेत कुल 9 मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने उसकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बनने और लोक शांति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उसे 3 महीने के लिए जिलाबदर किया है।

ओम दुबे के खिलाफ 11 आपराधिक प्रकरण

वहीं, मोतीलाल नगर निवासी 25 वर्षीय ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे के खिलाफ डी.D. नगर थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, अवैध हथियार रखने और अवैध गांजा बिक्री समेत 11 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उसके आचरण में सुधार नहीं आया।

इसे देखते हुए ओम दुबे को 4 महीने के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया गया है।

इन 6 जिलों में प्रवेश पर रोक

आदेश के मुताबिक दोनों को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा। जिलाबदर की निर्धारित अवधि के दौरान सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना वे इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा प्रभावित करने वाले आदतन एवं असामाजिक तत्वों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।