अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की संपत्ति में कथित गबन के मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की गई है। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और कैग से ऑडिट कराने की मांग की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह याचिका 12 जून को स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने व्यक्तिगत रूप से दाखिल की है। याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि मामले में सीबीआई को केस दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद, सोना, चांदी, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं के कथित गबन की जांच कराई जाए।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि चढ़ावे और दान से जुड़ी संपत्तियों का कैग से ऑडिट कराया जाए, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सके। जानकारी के मुताबिक, इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है।

मामला सामने आने के बाद अयोध्या और उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। याचिका दाखिल करने वाले पक्ष का कहना है कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी किसी भी अनियमितता की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंदिर के दानपात्रों में आए चढ़ावे और अन्य कीमती वस्तुओं के रखरखाव तथा लेखा-जोखा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जाए और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस मामले ने मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, अभी यह मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है और आरोपों की जांच होना बाकी है।

फिलहाल सभी की निगाहें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ पर हैं, जहां अगले सप्ताह इस याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। अदालत के रुख के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से कराई जाएगी या नहीं।