रायपुर, 25 जून 2026। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविरों को लेकर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी सरकार और संगठन के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान तथा चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए।

रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक है और संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना उसकी परंपरा और कार्यप्रणाली का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत करना और उन्हें जनहित के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार करना है।

दरअसल, कांग्रेस द्वारा आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण शिविरों को लेकर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है। इसी विषय पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस का प्रशिक्षण अभियान पूरी तरह संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सोच और रणनीति के अनुरूप कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय तथा प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से नए जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक संरचना और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

सचिन पायलट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों का मजबूत और सक्रिय होना जरूरी है। प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन के लक्ष्यों, जनसंपर्क के तरीकों और जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यह किसी भी बड़े राजनीतिक दल की सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों पर टिप्पणी करने से पहले भाजपा को अपने संगठन और सरकार के भीतर मौजूद समस्याओं का समाधान करना चाहिए। पायलट का कहना था कि कांग्रेस देशभर में संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

कांग्रेस नेता ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और आने वाले समय में संगठन और अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच अपनी बात रख सकेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है, जिसके लिए संगठनात्मक सशक्तीकरण बेहद आवश्यक है।