रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और वर्तमान हालात अघोषित आपातकाल जैसे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दावा करती है, लेकिन उसके नेताओं और सरकार की कथनी तथा करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते ही केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन जब वही नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई धीमी पड़ जाती है या बंद हो जाती है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है, लेकिन केंद्र सरकार आलोचनात्मक आवाजों को सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। वेणुगोपाल ने दावा किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना आज सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। कांग्रेस नेता ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में अधिक रुचि दिखा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है और आने वाले समय में इसका असर राजनीतिक परिदृश्य पर दिखाई देगा। वेणुगोपाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। हालांकि भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कई बार यह कहा गया है कि कानून अपना काम स्वतंत्र रूप से करता है और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई तथ्यों और जांच के आधार पर की जाती है, न कि राजनीतिक विचारधारा के आधार पर।





