नई दिल्ली। देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों और बीमा धारकों से जुड़ी दो प्रमुख सरकारी संस्थाओं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में हजारों करोड़ रुपये की लावारिस (Unclaimed) राशि पड़ी हुई है। संसद में सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों संस्थानों में करीब ₹16,450 करोड़ ऐसी रकम जमा है, जिस पर अब तक किसी लाभार्थी या उनके परिजनों ने दावा नहीं किया है।


सरकारी जानकारी के मुताबिक, यह राशि मुख्य रूप से EPFO के निष्क्रिय (Inoperative) खातों और LIC की ऐसी पॉलिसियों से संबंधित है, जिनकी मैच्योरिटी या क्लेम की अवधि पूरी होने के बावजूद धनराशि नहीं निकाली गई।


EPFO के निष्क्रिय खातों में ₹9,330 करोड़

सरकार ने संसद में बताया कि मार्च 2026 तक EPFO के निष्क्रिय खातों में करीब ₹9,330 करोड़ जमा हैं। नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने या सेवानिवृत्त होने के बाद लगातार 36 महीने (तीन वर्ष) तक अपने पीएफ खाते में कोई नया अंशदान नहीं करता, तो उस खाते को इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) घोषित कर दिया जाता है।

ऐसे खातों में निर्धारित अवधि के बाद ब्याज मिलना भी बंद हो जाता है, हालांकि खाताधारक या उनके नामित व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के साथ किसी भी समय अपनी राशि का दावा कर सकते हैं।


समय पर करें क्लेम

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने EPFO खाते और LIC पॉलिसियों की स्थिति समय-समय पर जांचते रहें। यदि किसी खाते या पॉलिसी में राशि लंबित है, तो आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर समय रहते उसका दावा करें, ताकि उनकी मेहनत की कमाई लावारिस न रह जाए।