रायपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों तक छत्तीसगढ़ की बहनों का प्यार और सम्मान पहुंचाने की अनूठी पहल की जा रही है। ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ अभियान के तहत इस वर्ष प्रदेश से भारतीय सेना के जवानों के लिए 21 लाख से अधिक राखियां भेजी जा रही हैं।
इस अभियान में प्रदेश की महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया है। कई राखियां हाथों से तैयार की गई हैं और उनके साथ जवानों के लिए शुभकामना संदेश भी भेजे जा रहे हैं।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी अभियान में हुईं शामिल
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी इस अभियान में शामिल हुईं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं, स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ अभियान में भागीदारी की है।
अपने हाथों से बनाई राखियां, लिखे संदेश
अभियान की खास बात यह है कि बड़ी संख्या में महिलाओं और विद्यार्थियों ने जवानों के लिए अपने हाथों से राखियां तैयार की हैं। इन राखियों पर और इनके साथ सैनिकों के लिए शुभकामना एवं सम्मान के संदेश भी भेजे जा रहे हैं।
इसके जरिए सीमा पर तैनात जवानों को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि रक्षाबंधन के मौके पर पूरा छत्तीसगढ़ उनके साथ खड़ा है।
राखियों के साथ भेजी जा रही पवित्र मिट्टी
जवानों के लिए भेजे जा रहे रक्षा सूत्रों के साथ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी भी भेजी जा रही है। इसे मातृभूमि से सैनिकों के भावनात्मक जुड़ाव और प्रदेशवासियों के सम्मान के प्रतीक के रूप में भेजा जा रहा है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि देश की रक्षा में दिन-रात मुस्तैद जवानों के प्रति प्रदेशवासियों के प्रेम और सम्मान को ये रक्षा सूत्र दर्शाते हैं।
21 लाख से ज्यादा रक्षा सूत्र पहुंचेंगे जवानों तक
अभियान के तहत 21 लाख से अधिक रक्षा सूत्र देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुंचाने की तैयारी है। बच्चों और महिलाओं द्वारा तैयार राखियों के साथ उनके संदेश और स्थानीय मिट्टी भी भेजी जा रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू हुई यह पहल भाई-बहन के रिश्ते के साथ देशभक्ति और सैनिकों के प्रति सम्मान का संदेश दे रही है।




