अंबिकापुर। बीए प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा अंतरा शाह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने NSUI नेता ज्ञान तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। छात्रा के परिजनों ने आरोपी पर कथित ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस संगठन ने भी ज्ञान तिवारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और संगठन के पदों से निलंबित कर दिया है।
बाथरूम में फंदे पर मिली थी छात्रा
अंतरा शाह अंबिकापुर के पटपरिया क्षेत्र में अपने जीजा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। शनिवार रात उसका शव घर के बाथरूम में फंदे पर मिला था।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी और ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित रूप से परेशान तथा ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
मोबाइल में चैट और वीडियो होने की बात कहकर धमकाने का आरोप
मृतका के जीजा नीलेश कुमार गुप्ता के मुताबिक, छात्रा की सहेलियों से बातचीत में यह जानकारी सामने आई कि आरोपी के मोबाइल फोन में कुछ चैट या वीडियो होने की बात कही जा रही थी। आरोप है कि इन्हीं सामग्री का हवाला देकर छात्रा को धमकाया या दबाव में रखा जा रहा था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और क्या छात्रा पर किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था।
दोनों के मोबाइल जब्त
गांधीनगर थाना पुलिस ने मृतका और आरोपी दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में दोनों तरफ की कुछ चैट डिलीट मिलने की बात सामने आई है।
अब पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डिलीट चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य रिकवर करने की कोशिश कर रही है। मोबाइल फोन से मिलने वाले डेटा को मामले की जांच में अहम माना जा रहा है।
परिजनों के बयान के बाद गिरफ्तारी
थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के अनुसार, परिजनों के बयान और अब तक सामने आए प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने ज्ञान तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की तकनीकी और डिजिटल जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी जांच रही है कि कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।
NSUI में पदाधिकारी बताया गया आरोपी
ज्ञान प्रकाश तिवारी को NSUI, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर इकाई का उपाध्यक्ष बताया गया है। मामला सामने आने के बाद संगठन और कांग्रेस दोनों स्तरों पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
कांग्रेस ने प्राथमिक सदस्यता से किया निलंबित
मामले के राजनीतिक रूप से तूल पकड़ने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ज्ञान तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
निलंबन के तहत उसे कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और संगठन के विभिन्न पदों से अलग कर दिया गया है। पार्टी ने साफ किया है कि जांच और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक वह संगठन के नाम या पद का उपयोग नहीं कर सकेगा।
24 घंटे में जवाब नहीं देने पर हुई कार्रवाई
कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
आदेश के अनुसार, निर्धारित 24 घंटे की अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
तीन दिन में जवाब नहीं तो स्थायी निष्कासन संभव
पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर आरोपी तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देता है, तो उसके खिलाफ स्थायी निष्कासन की कार्रवाई की जा सकती है।
निलंबन अवधि में आरोपी कांग्रेस के नाम, बैनर, पद या संगठनात्मक पहचान का इस्तेमाल किसी सार्वजनिक या निजी कार्यक्रम में नहीं कर सकेगा।
डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी जांच
मामले की जांच अब काफी हद तक मोबाइल फोन, डिलीट चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड पर टिकी हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा और आरोपी के बीच आखिरी बातचीत क्या थी और आत्महत्या से पहले कोई ऐसी परिस्थिति बनी थी या नहीं, जिसने छात्रा को मानसिक दबाव में डाला हो।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल जांच और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर की जा रही है।




