रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारियों के बीच राजधानी रायपुर में मुस्लिम समाज के प्रबुद्धजनों की अहम बैठक हुई। महंत घासीदास ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में UCC के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की गई। खासतौर पर लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान को लेकर आपत्ति जताई गई। बैठक में तय किया गया कि समाज की ओर से अपनी चिंताएं और सुझाव संबंधित समिति के समक्ष रखे जाएंगे।

बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से किया गया था। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने की, जबकि शहर काजी कारी इमरान अशरफी ने भी UCC को लेकर अपनी बात रखी।

लिव-इन रिलेशनशिप के प्रावधान पर आपत्ति

बैठक में वक्ताओं ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देने से जुड़े प्रावधान पर असहमति जताई। साथ ही तीन तलाक समेत अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन प्रावधानों को लेकर उनकी आपत्तियां हैं और इन्हें जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली समिति के सामने रखा जाएगा।

‘संविधान और कानून के अनुसार चलेगा देश’

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि UCC को लेकर कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून के मुताबिक चलेगा तथा संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। समाज अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से समिति के सामने रखेगा।

पूरे देश में एक समान व्यवस्था की मांग

वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों को संकलित कर समिति तक पहुंचाया जाएगा। उनका कहना था कि समान नागरिक संहिता की व्यवस्था अलग-अलग राज्यों के लिए अलग नहीं होनी चाहिए। यदि इसे लागू किया जाता है तो पूरे देश में समान व्यवस्था होनी चाहिए।