रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। प्रदेश के कई जिलों में फिलहाल रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियों में कमी जरूर आई है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने तीन दिन बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।
मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को भी प्रदेश के 10 से अधिक जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें राजनांदगांव, कोंडागांव, बलरामपुर, सूरजपुर और जशपुर समेत कई जिले शामिल हैं। ऐसे में लोगों को गरज-चमक और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तीन दिन बाद फिर बढ़ सकती है बारिश
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश हो रही है। हालांकि कई हिस्सों में इसकी तीव्रता कम हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन दिनों के बाद मानसूनी गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। खासकर भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने की जरूरत है।
सक्ती में अब तक 712.9 मिमी औसत बारिश
सक्ती जिले में 1 जून से 10 अगस्त 2026 तक 712.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 1.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सक्ती तहसील में 607.0 मिमी, जैजैपुर में 538.1 मिमी, मालखरौदा में 842.9 मिमी, डभरा में 739.5 मिमी, नया बाराद्वार में 801.5 मिमी, अड़भार में 694.5 मिमी, हसौद में 644.8 मिमी, चंद्रपुर में 822.7 मिमी और भोथिया में 724.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
ताजा आंकड़ों में सक्ती तहसील में 2.0 मिमी, मालखरौदा में 2.0 मिमी, डभरा में 5.5 मिमी, अड़भार में 1.7 मिमी और चंद्रपुर में 5.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जैजैपुर, नया बाराद्वार, हसौद और भोथिया में बारिश दर्ज नहीं की गई।
मुंगेली में 10 साल के औसत से ज्यादा बारिश
मुंगेली जिले में भी इस बार मानसून मेहरबान रहा है। 1 जून से 10 अगस्त तक जिले में औसतन 699.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पिछले 10 वर्षों में इसी अवधि की औसत वर्षा 597.6 मिलीमीटर रही है। यानी इस बार जिले में बारिश का आंकड़ा पिछले एक दशक के औसत से अधिक पहुंच गया है।
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार मुंगेली में सर्वाधिक 801.2 मिमी, लोरमी में 785.7 मिमी, लालपुर में 778.8 मिमी, पथरिया में 775.6 मिमी, जरहागांव में 541.9 मिमी और सरगांव में 509.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
एक दिन में जिले की तहसीलों में कुल 38.9 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिसका औसत 6.5 मिमी रहा। सबसे ज्यादा 18 मिमी बारिश जरहागांव में हुई। लालपुर में 9.2 मिमी, मुंगेली में 5.5 मिमी, पथरिया में 4.2 मिमी और लोरमी में 2.0 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगांव में बारिश नहीं हुई।
कोरबा में 664.6 मिमी औसत वर्षा
कोरबा जिले में 1 जून से अब तक 664.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। तहसीलवार आंकड़ों में कोरबा में 717.8 मिमी, अजगरबहार में 480.5 मिमी, भैंसमा में 621.1 मिमी, करतला में 641.9 मिमी, बरपाली में 701.8 मिमी और कटघोरा में 673.5 मिमी बारिश हुई है।
वहीं दीपका में 750.5 मिमी, दर्री में 782.8 मिमी, पाली में 718 मिमी, हरदीबाजार में 555.2 मिमी, पोंड़ी उपरोड़ा में 684 मिमी और पसान में 647.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में औसतन 5.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
प्रदेश में मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ने के पूर्वानुमान के बीच भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी होगा। मौसम की गतिविधियों में बदलाव के साथ आने वाले दिनों में प्रदेश के और जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।





