नई दिल्ली। देश में जल्द ही 10 और 20 रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने दोनों मूल्यवर्ग के एक-एक अरब पॉलिमर बैंक नोटों को परीक्षण के तौर पर प्रचलन में लाने की मंजूरी दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी।
बताया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया था। फील्ड ट्रायल के जरिए यह देखा जाएगा कि भारतीय परिस्थितियों में पॉलिमर नोट कितने टिकाऊ और व्यावहारिक साबित होते हैं।
कागजी नोटों से ज्यादा टिकाऊ माने जाते हैं पॉलिमर नोट
पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माने जाते हैं। इनकी उम्र अधिक होने के साथ इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल करने की भी संभावना रहती है।
सरकार की मंजूरी के तहत 10 रुपये के एक अरब और 20 रुपये के एक अरब नोटों का फील्ड ट्रायल प्रस्तावित है। परीक्षण के नतीजों के आधार पर आगे इनके नियमित इस्तेमाल को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
खुदरा महंगाई के आंकड़ों की भी दी जानकारी
वित्त मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में खुदरा महंगाई से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित औसत खुदरा महंगाई 2023-24 में 5.4 प्रतिशत, 2024-25 में 4.6 प्रतिशत और 2025-26 में 2.1 प्रतिशत रही।
वहीं 2026-27 की पहली तिमाही में महंगाई बढ़कर 3.9 प्रतिशत पहुंचने की जानकारी दी गई। इसके पीछे वैश्विक कमोडिटी और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा सब्जियों की मौसमी महंगाई जैसे कारण बताए गए।
GST दरों में बदलाव का भी जिक्र
वित्त मंत्री ने GST व्यवस्था में किए गए बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि टैक्स ढांचे को तर्कसंगत बनाने के प्रयास किए गए हैं।
इसके तहत कई वस्तुओं और सेवाओं की कर दरों में बदलाव किया गया है। सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने के साथ उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर पड़ने वाले बोझ को संतुलित करना बताया गया है।
कस्टम ड्यूटी में भी किए गए बदलाव
सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, उत्पादन लागत कम करने और भारतीय निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से कई वस्तुओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) में भी बदलाव किए हैं।
खाद्य तेलों और कुछ अन्य उत्पादों से संबंधित शुल्क में कटौती जैसे कदम भी इसी रणनीति का हिस्सा बताए गए हैं।
12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स राहत
वित्त मंत्री ने आयकर में दी गई राहत का भी उल्लेख किया। नई कर व्यवस्था के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स देनदारी में राहत उपलब्ध है। वेतनभोगी करदाताओं के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल करने पर प्रभावी सीमा 12.75 लाख रुपये तक पहुंचती है।
सरकार का कहना है कि टैक्स राहत और दूसरे आर्थिक उपायों का उद्देश्य लोगों की खर्च योग्य आय बढ़ाने के साथ घरेलू खपत और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
फिलहाल 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों को नियमित कागजी नोटों का स्थायी विकल्प नहीं बनाया गया है। पहले इनका फील्ड ट्रायल होगा और उसके परिणामों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।





