रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां अभी से तेज हो गई हैं। सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी कांग्रेस पार्टी ने राज्य के अहम आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में आदिवासी कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा सर्वसम्मति से 12 सूत्रीय सामाजिक और राजनीतिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर जमीनी स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए एक प्रदेश स्तरीय आदिवासी समिति के गठन पर सहमति बनी, जो गांव-गांव जाकर समाज के लोगों से सीधे संवाद स्थापित करेगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है, ताकि आगामी चुनावों से पहले एक सशक्त जनआंदोलन खड़ा किया जा सके। इस रणनीतिक बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित वरिष्ठ नेताओं ने भी चुनावी रणनीति पर अपने विचार रखे और दिशा तय की।