एक चौंकाने वाले मामले में खदान से वास्तविक खनन कार्य नहीं होने के बावजूद दस्तावेजों में 2.72 लाख टन लौह अयस्क के परिवहन का रिकॉर्ड दर्ज कर दिया गया। जांच में सामने आया कि खदान में उत्पादन शून्य था, लेकिन कागजों पर बड़े पैमाने पर खनिज परिवहन दर्शाया गया। मामले ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।





