कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात एक निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) को हटाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
क्या है मामला?
महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात एक PSO को हटा दिया गया है। उन्होंने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
महुआ मोइत्रा का आरोप
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि—
- ममता बनर्जी की जान को खतरा हो सकता है
- सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव बेहद संवेदनशील विषय है
- इस तरह के फैसलों की समीक्षा की जानी चाहिए
उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक कारणों से लिया गया है और इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव पर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्षी दलों की ओर से इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सुरक्षा को लेकर चिंता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य की सबसे प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में से एक हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़े किसी भी बदलाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
आगे क्या?
फिलहाल इस मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। वहीं, महुआ मोइत्रा के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
ममता बनर्जी की सुरक्षा में बदलाव को लेकर उठे सवालों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।





