रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महादेव ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। अब भारत सरकार उसे प्रत्यर्पण के जरिए वापस लाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। फिलहाल सौरभ चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

भिलाई से दुबई तक का सफर, फिर बना ऑनलाइन सट्टे का बड़ा नेटवर्क

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का निवासी है। शुरुआती दिनों में वह कपड़े की दुकान में काम करता था और बाद में उसने जूस की दुकान भी चलाई। वर्ष 2019 में वह दुबई चला गया, जहां उसने अपने साथी रवि उप्पल को भी बुलाया। दोनों ने मिलकर महादेव ऐप की शुरुआत की, जो धीरे-धीरे देश-विदेश में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क बन गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऐप के जरिए करीब 6,000 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है, जिसकी जांच जारी है।

क्या है महादेव ऐप घोटाला?

बताया जाता है कि वर्ष 2016 में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल ने मिलकर महादेव बुक ऐप लॉन्च किया था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन समेत कई खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। इसके अलावा पोकर, तीन पत्ती, वर्चुअल गेम और चुनावी नतीजों तक पर दांव लगाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी।

वर्ष 2020 में इस नेटवर्क ने हैदराबाद स्थित रेड्डी अन्ना नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को करीब 1,000 करोड़ रुपये में खरीद लिया। इसके बाद ऐप से जुड़ने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी और कारोबार हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

वर्ष 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग ने इस नेटवर्क पर कार्रवाई शुरू की। जांच में करीब 6,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सामने आए, जिनकी जांच अभी भी जारी है।