15-20 वर्ष बाद सामाजिक परंपराओं से जुड़े परिवार, ग्राम हेटारकसा में हुआ स्वागत समारोह
कांकेर। जिले के कोरर क्षेत्र के ग्राम हेटारकसा में कोसरिया गांडा गंधर्व समाज के तत्वावधान में एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान परशुराम टांडिया एवं उनके परिवार ने अपनी पारंपरिक सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के साथ पुनः जुड़ने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, परिवार ने समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पूर्व में लिखित आवेदन देकर स्वेच्छा से अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं को अपनाने की इच्छा व्यक्त की थी। इसके बाद समाज की सहमति और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उत्सव जैसा रहा माहौल
कार्यक्रम के दौरान गांव में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर परिवार का स्वागत किया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़ना प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तिगत अधिकार है।
इस अवसर पर परिक्षेत्र हाटकर्रा के अध्यक्ष पुन्नूराम लोहले, घनश्याम टांडिया, सम्पत सोनवानी, रामगोपाल चौहान, नारद चालकी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। महिलाओं में रैनबत्ती, तारामति और अन्य ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा।





