कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जियो मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी की लगातार हो रही घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरजिला स्तर पर सक्रिय एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जियो कंपनी का एक कर्मचारी ही टावरों की जानकारी उपलब्ध कराकर गिरोह की मदद कर रहा था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 49 जियो टावर बैटरियां, 311 बैटरी बॉक्स, बैटरियों से निकाला गया धातु, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार और 41 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इससे पहले रावघाट थाना पुलिस भी इसी गिरोह से 72 बैटरियां जब्त कर चुकी है।

तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष बंछोर और एसडीओपी शुभम तिवारी की निगरानी में आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा, बांदे, छोटेबेठिया और रावघाट थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर से मिली सूचना और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

चार महीने तक कई टावरों को बनाया निशाना

जांच के दौरान आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के किसकोड़ो स्थित जियो टावर से बैटरी चोरी के मामले में माखन तुमरेटी और देवराज बघेल से पूछताछ की गई। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा, बांदे, छोटेबेठिया, रावघाट और नारायणपुर जिले के सोनपुर क्षेत्र में स्थित जियो टावरों से बैटरियां चोरी की थीं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी की गई बैटरियों को खोलकर उनमें मौजूद कीमती धातु निकाल ली जाती थी और उसे कबाड़ियों को बेच दिया जाता था। वहीं, खाली बैटरी बॉक्स अलग से बेचकर भी अवैध कमाई की जाती थी।

दल्लीराजहरा में छापेमारी, बड़ी बरामदगी

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दल्लीराजहरा में छापेमारी कर चोरी की बैटरियां, सैकड़ों खाली बैटरी बॉक्स, बैटरियों से निकाला गया धातु, हथौड़ा, पेचकस, रेती समेत अन्य औजार और बिक्री से प्राप्त 41 हजार रुपये नकद बरामद किए।

छह आरोपी जेल भेजे गए

पुलिस ने मामले में राजेश नेताम, माखन तुमरेटी, देवराज बघेल, राजेश यादव, एली मसीह और अंकित कुमार जैन को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से जिले में मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी के कई मामलों का खुलासा हुआ है। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।