आरंग। पत्नी की हत्या के बाद वारदात को हादसा और आत्महत्या बताकर छिपाने की कोशिश करने वाले पति को अदालत ने दोषी करार दिया है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश शर्मा की अदालत ने आरोपी शेखर साहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 3 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक राहुल गुप्ता ने पैरवी की।
घरेलू विवाद के बाद पत्नी की हत्या
मामला आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम गौरभाट का है। अभियोजन के मुताबिक, 6 जनवरी 2025 को 44 वर्षीय शेखर साहू का अपनी पत्नी दशोदा साहू से घरेलू विवाद हुआ था। उस समय परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदार के यहां गए हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान शेखर ने रस्सी से पत्नी का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अलग-अलग कहानी बताकर परिजनों को किया गुमराह
हत्या के बाद आरोपी ने वारदात को छिपाने का प्रयास किया। उसने परिजनों को बताया कि उसकी पत्नी सेप्टिक टैंक के पास चक्कर आने से गिर गई थी। वहीं कुछ रिश्तेदारों से उसने पत्नी के साड़ी से फांसी लगाने की बात कही।
महिला को अस्पताल ले जाने के दौरान भी घटनाक्रम संदिग्ध रहा। आरोप है कि रास्ते में ही आरोपी ने एंबुलेंस चालक से पत्नी की मौत होने की बात कहते हुए शव वापस घर ले जाने को कहा। इसके बाद वह जल्द अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में जुट गया।
मुक्तिधाम पहुंच चुका था शव, पुलिस ने रुकवाया अंतिम संस्कार
महिला का शव अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचा दिया गया था। इस बीच आरोपी की जल्दबाजी और उसके अलग-अलग बयानों से परिजनों को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल आरंग पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम मुक्तिधाम पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवा दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले ने नया मोड़ लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया हत्या का मामला
पोस्टमार्टम में महिला की मौत का कारण गला घोंटना सामने आया। इसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी राजेश सिंह और मर्ग जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार भोई ने मामले की विस्तृत जांच की।
पुलिस ने घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्य जुटाए तथा गवाहों के बयान दर्ज किए। विवेचना के बाद प्रकरण अदालत में पेश किया गया।
साक्ष्यों के आधार पर पति को आजीवन कारावास
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने शेखर साहू को पत्नी की हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।





