रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटों के दौरान रायपुर और मुंगेली जिले के कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। रायपुर शहर में 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पथरिया में सर्वाधिक 16 सेंटीमीटर पानी बरसा। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। खासतौर पर सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है।

प्रदेश में अब तक हुई मौसमी वर्षा सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। वहीं, रविवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रहा।

रायपुर में आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

पथरिया में 16 सेमी, रायपुर में 12 सेमी बारिश

बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पथरिया में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि रायपुर शहर में 12 सेंटीमीटर और लोरमी में 11 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा लाभांडी और लालपुर में 10-10 सेंटीमीटर, जबकि भाटापारा, मुंगेली और सिमगा में 9-9 सेंटीमीटर बारिश हुई। तखतपुर और बागबाहरा में 8-8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

डोंगरगढ़, उसूर, सुहेला, छुरिया, सकरी और लोहांडीगुड़ा समेत कई स्थानों पर करीब 7 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं कुरूद, कप्पू, कसडोल, वाड्रफनगर, भिलाई, बेलतरा और घरघोड़ा में 6 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई।

भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की जरूरत

मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनने के आसार हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की सलाह दी जाती है।