नई दिल्ली। देश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने गोबरधन (GOBARdhan) योजना के विस्तार को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 23,731 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दी गई। योजना के तहत पशुओं के गोबर, कृषि अवशेष और शहरी जैविक कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
10 वर्षों का व्यापक रोडमैप तैयार
सरकार ने अगले 10 वर्षों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसका लक्ष्य देश में स्वच्छ और हरित ईंधन के उत्पादन को वर्तमान स्तर से कई गुना बढ़ाना है। इस पहल से पराली जलाने जैसी समस्याओं में कमी आएगी, जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा और किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत विकसित होगा।
लोन गारंटी और पाइपलाइन सुविधा मिलेगी
योजना के तहत CBG प्लांट स्थापित करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को लोन गारंटी, गैस विपणन में सहयोग तथा आवश्यक पाइपलाइन कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य निजी निवेश को प्रोत्साहित कर देशभर में बायोगैस परियोजनाओं का तेजी से विस्तार करना है।
किसानों और ग्रामीणों को होगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि गोबर, कृषि अवशेष और अन्य जैविक अपशिष्ट अब किसानों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम बनेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्थानीय स्तर पर ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
सरकार के अनुसार, यह योजना स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही जैविक कचरे के प्रभावी उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और देश की हरित ऊर्जा क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।



