महासमुंद। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई के दौरान जब्त की गई रेत की नीलामी से राज्य सरकार को 7 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से बड़ी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की थी। बाद में नियमों के तहत नीलामी प्रक्रिया पूरी कर इसे बेचा गया।
चार गांवों से जब्त हुई थी 2.53 लाख घनमीटर रेत
जिला प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बरबसपुर, बड़गांव, बिरकोनी और घोड़ारी में कार्रवाई करते हुए कुल 2 लाख 53 हजार 303 घनमीटर रेत जब्त की थी। यह रेत अवैध रूप से भंडारित पाई गई थी।
बंद लिफाफे से कराई गई नीलामी
जब्त रेत के सुरक्षित संरक्षण और सरकार को राजस्व दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नियमानुसार बंद लिफाफे के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन के अनुसार पूरी प्रक्रिया को प्रतिस्पर्धात्मक और नियमों के तहत पूरा किया गया, ताकि पात्र निविदाकार इसमें भाग ले सकें।
सरकार को मिला 7 करोड़ 19 हजार 566 रुपये का राजस्व
नीलामी पूरी होने के बाद लगभग 2,53,303 घनमीटर रेत का विक्रय किया गया। इससे राज्य सरकार को करीब 7 करोड़ 19 हजार 566 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई जारी
जिला प्रशासन और खनिज विभाग का कहना है कि अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर नियंत्रण के लिए अभियान लगातार जारी है। जब्त खनिजों की नियमानुसार नीलामी से जहां सरकार को राजस्व मिल रहा है, वहीं अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।





