नई दिल्ली। शुक्रवार को आम लोगों के लिए राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आई हैं। एक ओर सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में नरमी आई है। वहीं औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों को मजबूती मिली है। ऐसे में सर्राफा बाजार में सोना खरीदने वालों को राहत मिल सकती है, जबकि चांदी की खरीदारी पहले के मुकाबले महंगी पड़ सकती है।

उधर, पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों की चिंता बढ़ गई है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई भी प्रभावित होती है। इससे खाद्य पदार्थों समेत कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।

सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि सोना और चांदी खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि विभिन्न शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है। वहीं ईंधन उपभोक्ताओं की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।