कवर्धा, 5 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र में खेल विभाग में खेल प्रशिक्षक (कोच) की नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

आरोपी ने खुद को छत्तीसगढ़ सेवन इनसाइड फुटबॉल संघ का सचिव बताकर युवक को भरोसे में लिया। उसने भर्ती का कथित नोटिफिकेशन दिखाया और बाद में व्हाट्सएप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब युवक ज्वाइनिंग के लिए सुकमा पहुंचा, जहां खेल विभाग ने नियुक्ति पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया।


फुटबॉल प्रतियोगिता से शुरू हुई पहचान

एफआईआर के अनुसार, ग्राम राम्हेपुर खुर्द निवासी जुगेश्वर कुमार साहू (25) की मुलाकात करीब डेढ़ वर्ष पहले रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में एक फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान लैलूंगा निवासी कलिंदर मिंज से हुई थी। बाद में दोनों गोवा में आयोजित प्रतियोगिता में भी साथ गए, जिससे विश्वास गहरा हो गया।

नौकरी का झांसा देकर लिए दस्तावेज और पैसे

नवंबर 2025 में आरोपी ने मोबाइल पर खेल विभाग में खेल प्रशिक्षक भर्ती का कथित नोटिफिकेशन दिखाया। इसके बाद उसने आवेदन भरवाकर युवक के शैक्षणिक व पहचान दस्तावेज अपने पास रख लिए और नौकरी लगने के बाद 2 लाख रुपये देने की बात कही।

इस दौरान आरोपी ने अलग-अलग समय पर कुल 1 लाख 30 हजार रुपये नकद ले लिए।


बिना चयन प्रक्रिया के भेजा नियुक्ति पत्र

शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने किसी भर्ती परीक्षा या चयन प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था, फिर भी 10 जून 2026 को आरोपी ने व्हाट्सएप पर सुकमा में खेल प्रशिक्षक पद का फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया।


सुकमा पहुंचने पर खुला फर्जीवाड़ा

29 जून को युवक रायपुर स्थित खेल विभाग पहुंचा, लेकिन कार्यालय बंद मिला। अगले दिन वह सुकमा कलेक्ट्रेट स्थित खेल विभाग पहुंचा, जहां जांच में नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया गया।

इसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई।


40 हजार लौटाए, बाकी राशि नहीं दी

एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने 17 मार्च 2026 को 40 हजार रुपये वापस किए थे, लेकिन शेष 90 हजार रुपये अभी तक नहीं लौटाए गए हैं।


पुलिस कर रही जांच

मामले में पहले सुकमा थाने में अपराध दर्ज किया गया था, बाद में लेन-देन और घटना बोड़ला थाना क्षेत्र में पाए जाने पर केस डायरी वहां स्थानांतरित कर दी गई।

पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल चैट, व्हाट्सएप संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार तो नहीं बनाया है।