नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले के धौड़ाई वन परिक्षेत्र में विभाग की टीम ने तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तेंदुए की एक खाल के अलावा दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने पकड़ा
वन विभाग के अनुसार, वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में धौड़ाई परिक्षेत्र के वन अधिकारी और कर्मचारी 8 अगस्त 2026 को नियमित गश्त पर निकले थे। इसी दौरान गायतापारा सड़क किनारे दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए।
वन अमले ने उन्हें रोककर जांच की तो उनके पास से तेंदुए की खाल बरामद हुई। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेते हुए खाल और दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया गया।
जब्त वाहनों के नंबर CG-21/J-4096 और CG-21/J-0920 बताए गए हैं।
184 सेंटीमीटर लंबी है जब्त तेंदुए की खाल
वन विभाग ने जब्त तेंदुए की खाल की माप भी दर्ज की है। इसकी कुल लंबाई 184 सेंटीमीटर पाई गई। सामने के दोनों पैरों के बीच की लंबाई 125 सेंटीमीटर, पीछे के दोनों पैरों के बीच की लंबाई 118 सेंटीमीटर और पेट की चौड़ाई 55 सेंटीमीटर दर्ज की गई है।
इन तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
मामले में वन विभाग ने सोनूराम कचलाम (39) निवासी ग्राम रोहताड़, छोटेडोंगर, पुनीत कुमार बघेल (32) निवासी छोटेडोंगर (डुरकाडोंगरी) और जमधर पोटाई (50) निवासी ग्राम तारागांव, धौड़ाई को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, नारायणपुर की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग के मुताबिक इस अपराध में दोष सिद्ध होने पर सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। फिलहाल विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि तेंदुए की खाल कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वन्यजीवों का अवैध शिकार और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने वन अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।





