अबुझमाड़ के इरकभट्टी गांव में पहली बार गूंजी ‘मन की बात’, विकास और मुख्यधारा से जुड़ने की नई शुरुआत

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे अबुझमाड़ क्षेत्र से एक सकारात्मक और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है। वर्षों तक नक्सल प्रभाव और विकास से दूरी के लिए पहचाने जाने वाले इरकभट्टी गांव में रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया गया। यह अवसर गांव के लोगों के लिए केवल एक रेडियो कार्यक्रम सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुख्यधारा से जुड़ने और बदलते अबुझमाड़ की नई पहचान का प्रतीक बन गया।

कभी नक्सल प्रभाव का गढ़ था इरकभट्टी

अबुझमाड़ का नाम लंबे समय तक देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लिया जाता रहा है। यहां के कई गांव सड़क, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। सुरक्षा कारणों और भौगोलिक कठिनाइयों के चलते सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक सीमित रूप से पहुंच पाता था।

इरकभट्टी गांव भी उन्हीं इलाकों में शामिल था, जहां कभी बाहरी दुनिया से संपर्क बेहद कम था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों, प्रशासन और विभिन्न विकास योजनाओं के प्रयासों से यहां हालात तेजी से बदले हैं।

गांव में पहली बार हुआ सामूहिक श्रवण

रविवार को गांव में विशेष आयोजन कर ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कई ग्रामीणों के लिए यह पहला अवसर था जब उन्होंने इस कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुना।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को प्रधानमंत्री द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे नवाचार, सामाजिक पहल, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों की जानकारी मिली।

विकास की ओर बढ़ते कदम

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां गांव तक पहुंचना भी मुश्किल था, वहीं अब सड़क, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ भी ग्रामीणों तक पहुंच रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रम उन्हें देश के अन्य हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों से जोड़ते हैं और नई सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

युवाओं में दिखा उत्साह

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। युवाओं का कहना है कि अबुझमाड़ के बदलते परिवेश में शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम उन्हें देश की प्रगति और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करते हैं।

बदलाव की नई तस्वीर

इरकभट्टी गांव में पहली बार ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है जो अबुझमाड़ में धीरे-धीरे दिखाई दे रहा है। कभी नक्सल हिंसा और अलगाव के लिए चर्चित यह क्षेत्र अब विकास, शिक्षा और जनभागीदारी की नई कहानियां लिख रहा है।

स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को राष्ट्रीय विकास की धारा से और अधिक मजबूती से जोड़ेंगे।