एमसीबी। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समझाइश और नोटिस के बाद भी पशु सड़क पर मिले तो संबंधित पशुपालक के खिलाफ नियमानुसार FIR दर्ज कराई जा सकती है।
इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संतन देवी जांगड़े और पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा के साथ पशुओं की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पशुपालकों को जारी किए जाएंगे नोटिस
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने मनेन्द्रगढ़ एसडीएम को सड़क पर पशु छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले पशुपालकों को समझाइश दी जाए। इसके बावजूद उनके पशु सड़कों पर घूमते मिले तो नियमानुसार FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
विशेष रूप से NH-43 के आसपास पशुपालन करने वालों की पहचान के लिए अभियान चलाने को कहा गया है। उनके पशुओं की टैगिंग भी कराई जाएगी, ताकि सड़क पर मिलने वाले पशु के मालिक का आसानी से पता लगाया जा सके।
1,075 पशुओं की टैगिंग पूरी, अब ट्रैकिंग की तैयारी
पशुपालन विभाग ने बैठक में बताया कि जिले में अब तक 1,075 पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है। कलेक्टर ने शेष पशुओं की टैगिंग जल्द पूरी करने और उनकी ट्रैकिंग की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए।
आवारा पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए गौशालाओं की व्यवस्था मजबूत करने, गोठानों में अस्थायी बैरिकेडिंग और काउ कैचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
NH-43 पर पशुओं को लगाई जाएगी रेडियम पट्टी
रात के समय सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम करने के लिए NH-43 पर घूमने वाले पशुओं पर रेडियम पट्टी और टैग लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे वाहन चालकों को अंधेरे में भी दूर से पशु दिखाई दे सकेंगे।
नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा ने बैठक में बताया कि खेड़िया टॉकीज से सिद्ध बाबा मंदिर तक आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं।
गोठानों की व्यवस्था होगी मजबूत
जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम ने गोठानों की व्यवस्था बेहतर करने के लिए ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश दिए। पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
दुर्घटना के बाद टीम को रोकने पर भी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने गौ रक्षक दल के सदस्यों से कहा कि दुर्घटना में घायल या मृत पशु को सड़क से हटाने पहुंचने वाली संबंधित टीम के काम में किसी प्रकार की बाधा न डाली जाए। कार्रवाई में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
NH-43 पर चलेगा विशेष अभियान
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आवारा पशुओं की टैगिंग, ट्रैकिंग, गौशाला-गोठान में व्यवस्था, काउ कैचर और अस्थायी बैरिकेडिंग जैसे उपाय प्रभावी तरीके से लागू किए जाएं।
प्रशासन अब NH-43 समेत जिले की प्रमुख सड़कों पर विशेष अभियान चलाएगा। पशुओं को बार-बार सड़क पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।




