अंबिकापुर। अंबिकापुर केंद्रीय जेल में बंद एक 55 वर्षीय महिला कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान मथुरा यादव के रूप में हुई है। वह हत्या के एक मामले में गिरफ्तार होने के बाद जेल में बंद थी और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


सूरजपुर जेल से लाई गई थी अंबिकापुर

जानकारी के अनुसार, मथुरा यादव को 19 फरवरी 2026 को सूरजपुर जिला जेल से अंबिकापुर केंद्रीय जेल स्थानांतरित किया गया था। जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत खराब होने लगी थी, जिसके बाद जेल प्रशासन की ओर से उसका उपचार कराया जा रहा था।


17 सितंबर को दोबारा बिगड़ी तबीयत

जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत के मुताबिक, महिला की तबीयत खराब होने पर पहले भी उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था। इसके बाद 17 सितंबर को उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के MICU में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।


परिजनों से अब तक नहीं हो सका संपर्क

जेल प्रशासन के अनुसार, महिला कैदी के रिकॉर्ड में दो अलग-अलग पते दर्ज हैं। इस कारण संबंधित थानों के माध्यम से उसके परिजनों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक किसी परिजन से संपर्क नहीं हो पाया है। जेल में रहने के दौरान भी उससे मिलने कोई परिजन नहीं पहुंचा था।


कलेक्टर और जिला न्यायाधीश को दी गई सूचना

महिला कैदी की मौत की जानकारी जिला कलेक्टर और जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दे दी गई है। जेल प्रशासन नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। यदि परिजन सामने आते हैं तो निर्धारित प्रक्रिया और वीडियोग्राफी के बाद शव उन्हें सौंपा जाएगा। परिजन नहीं मिलने की स्थिति में प्रशासन नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेगा।