बलौदाबाजार। जिले के भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नामी कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर कथित रूप से नकली लुब्रिकेंट और वाहन संबंधी उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने ग्राम अर्जुनी स्थित जय जगन्नाथ यूरिया-पानी एवं ग्रीसिंग सेंटर में दबिश देकर एक युवक को गिरफ्तार किया है। दुकान से टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल के नाम से पैक कुल 246 डिब्बे जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 4.30 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि शनि घोष की शिकायत पर की गई। शिकायत में अर्जुनी स्थित दुकान में टाटा और गल्फ जैसे नामी ब्रांड के नाम पर नकली उत्पाद बेचे जाने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलने के बाद भाटापारा ग्रामीण पुलिस की टीम दुकान पहुंची और वहां रखे उत्पादों की जांच की।
असली जैसी पैकिंग में रखे थे कथित नकली उत्पाद
जांच के दौरान पुलिस को दुकान में इंजन ऑयल और डीजल एग्जॉस्ट फ्लुइड (DEF) से जुड़े ऐसे उत्पाद मिले, जिनकी पैकिंग नामी कंपनियों के वास्तविक उत्पादों से मिलती-जुलती बताई गई। उत्पादों पर संबंधित कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने मौके से टाटा मोटर्स के नाम से पैक 149 डिब्बे और गल्फ ऑयल के नाम से पैक 97 डिब्बे जब्त किए। इस तरह कुल 246 डिब्बे बरामद हुए। पुलिस ने सामान को जब्ती पंचनामा के तहत कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
20 वर्षीय युवक गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा
मामले में पुलिस ने दिनेश रजक (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुढ़ीपार-रवान, कोतवाली थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस के अनुसार दुकान में कथित नकली उत्पादों की बिक्री से जुड़ी भूमिका सामने आने के बाद उसके खिलाफ भाटापारा ग्रामीण थाने में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
नाम, लोगो और रंग-रूप से मिलती-जुलती पैकिंग का इस्तेमाल
थाना प्रभारी हेमंत पटेल के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित नकली उत्पादों की पैकिंग को इस तरह तैयार किया गया था कि पहली नजर में ग्राहक उसे असली समझ सकता था। इसमें कंपनियों के नाम, लोगो और पैकिंग के रंग-रूप से समानता रखी गई थी।
अब पुलिस यह पता लगा रही है कि ये उत्पाद कहां से लाए गए और इनकी पैकिंग कहां तैयार की गई। साथ ही सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस आगे कार्रवाई कर सकती है।
नकली इंजन ऑयल से वाहन को हो सकता है नुकसान
पुलिस अधिकारियों ने वाहन मालिकों को ऐसे उत्पादों से सतर्क रहने की सलाह दी है। इंजन ऑयल और अन्य लुब्रिकेंट वाहन के इंजन और उसके महत्वपूर्ण हिस्सों की सुरक्षा के लिए जरूरी होते हैं। गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला उत्पाद इस्तेमाल करने से इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होने के साथ उसके हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
इसी को देखते हुए पुलिस ने ग्राहकों से केवल पैकिंग देखकर किसी उत्पाद को असली नहीं मानने और खरीदारी के समय उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की है।
होलोग्राम, बैच नंबर और बिल जरूर जांचें: एसपी
एसपी गौरव राय ने व्यापारियों और वाहन मालिकों से ब्रांडेड सामान खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उत्पाद खरीदने से पहले होलोग्राम स्टिकर, बैच नंबर और खरीद का पक्का बिल जरूर जांचना चाहिए। पैकिंग, कीमत या गुणवत्ता संदिग्ध लगने पर संबंधित कंपनी अथवा अधिकृत विक्रेता से उसकी पुष्टि की जानी चाहिए।
एसपी के मुताबिक नकली उत्पादों का कारोबार ग्राहकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ वाहनों और मशीनरी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए व्यापारियों और उपभोक्ताओं की सतर्कता जरूरी है।
सप्लाई नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब जब्त उत्पादों के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कथित नकली सामान कहां तैयार हुआ, अर्जुनी तक कैसे पहुंचा और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इसके साथ ही आरोपी के पुराने कारोबार और संभावित सप्लायरों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी दुकान में नामी कंपनियों के नाम पर संदिग्ध या नकली उत्पाद बेचे जाने की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। मामले में आगे की जांच जारी है।





